सीबीआई की विशेष अदालत से लालू दोषी, सुप्रीम कोर्ट से सीएम नीतीश को राहत

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सोमवार को एक बार फिर दोषी करार दिया गया। अब बुधवार को इस मामले में कोर्ट सजा सुनाएगी। मामला दुमका कोषागार से अवैध निकासी का है, जिसमें तत्कालीन जगन्नाथ मिश्रा को रिहा कर दिया गया है, जबकि लालू को दोषी करार दिया गया है।
रांची की सीबीआइ की विशेष अदालत में लालू को दोषी करार दिए जाने के बाद पटना स्थित अपने आवास पर इस खबर को सुनकर उनकी पत्नी सह बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी काफी दुखी थीं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छी खबर के लिए सभी आस लगाए रहते हैं, लेकिन जो होना होता है, वही होता है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। लालू जी की तबियत खराब थी, फिर भी उन्हें अस्पताल से कोर्ट लाया गया। अब कोर्ट जो भी फैसला करता है उसपर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। आगे और भी रास्ते हैं। देखते हैं क्या होता है?
वहीं राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि एक ही आरोप में दो लोगों को अलग-अलग सजा सुनाई जाती है। जगन्नाथ मिश्रा बरी हो जाते हैं और लालू को दोषी करार दिया जाता है। ऐसा क्यों किया जा रहा है सभी लोग समझते हैं। उन्होंने कहा कि ये सब पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा का खेल है, एक ही केस में एक रिहा और एक को जेल है।
दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू के दोषी करार दिए जाने के बाद जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि लालू को न्यायालय ने दोषी करार दिया है और न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी करने की जरूरत नही है।
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों की जगह जेल में ही है। कोर्ट के फैसले का स्वागत है। तो उधर, जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार कभी भी शिष्टचार नहीं हो सकता। लालू को जेल होने से बिहार की राजनीति में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
राजद प्रवक्ता रामानुज प्रसाद ने कहा कि लालू प्रसाद के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है।उन्होंने कहा कि कोर्ट देश से बाहर नहीं है, वो भी राजनीति से प्रभावित है। यह ठीक नहीं है।
वहीं, लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने कहा है कि मेरे पिता जी को फंसाया गया है। वो बिमार हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अस्पताल से कोर्ट लाया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले पर कोई भी टिप्पणी उचित नहीं है। अब हमलोग उपरि अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे, वहां से न्याय की उम्मीद है।
बता दें कि चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिये गये हैं, जबकि बिहार के पूर्व मु्ख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया गया है। इससे पहले लालू प्रसाद को रिम्स से सीबीआई कोर्ट लाया गया और फैसला सुनाया गया। बीते 17 मार्च को जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद आरजेडी सुप्रीमो को रिम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी तबियत अभी भी ठीक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट से बिहार के सीएम नीतीश कुमार को मिली राहत, अयोग्य ठहराने की याचिका हो गयी खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ी राहत दी है और उनके सीएम के पद से अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में आज इस याचिका पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि वकील एमएल शर्मा ने याचिका दाखिल कर नीतीश कुमार पर आरोप लगाया था कि 2004 से 2012 के दौरान नीतीश कुमार ने हलफ़नामे में ये खुलासा नहीं किया कि 1991 में उन पर हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। याचिका में दावा किया गया है कि नीतीश कुमार ने अपने एफिडेविट में इस बात का जिक्र नहीं किया कि उनके नाम पर हत्या का मामला दर्ज है।
इसके अलावा नीतीश कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। याचिका के मुताबिक नीतीश कुमार अपने आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाने के बाद संवैधानिक पद पर नहीं रह सकते हैं।
इस मुद्दे पर नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये कोर्ट में मामला है। इसमें मैं क्या बोलूं? इसमें तो चुनाव आयोग से पूछा गया है। बिहार के सीएम ने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा ’वह मेरा ही ऐफ़िडेविट दिखा रहे थे। सुप्रीमकोर्ट में जो मामला गया हैं मुझे नहीं मालूम सही बात है क्या है।
उन्होंने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है तो वो बताएगा क्या नियम है और उसके मुताबिक़ किसको क्या घोषित करना है? जहां तक मेरी बात है मुझे कोई लेनादेना नहीं। हम वही काम करते हैं जो नियम के अनुरूप हैं।

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