डीजीपी का फरमान प्रतिदिन करें एक फरार वारंटी की गिरफ्तारी

पटना में डीजीपी केएस द्विवेदी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में साफ कह दिया कि बिहार पुलिस की छवि अब बदलनी होगी, ऐसे काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस फ्रेंडली प्राथमिकता होनी चाहिए।
बिहार के डीजीपी केएस द्विवेदी ने साफ लहजे में कहा है कि अब भूमि विवाद के मामले में पुलिस की ना-ना और हां-हां वाली बात नही चलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलिस की छवि अब बदलनी होगी, ऐसे काम नहीं चलेगा।
बिहार के 1064 थाने के थानेदारों को स्पष्ट निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन एक फरारी की गिरफ्तारी करें । एफएसएल जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चार्जशीट के लिए समय सीमा निर्धारित हो। हर क्राइम मीटिंग में एसपी पिछले महीने की 25 तारीख तक कीं घटनाओं की जांच से अपडेट रहें।
दो अप्रैल से कॉन्स्टेबल से एएसआई और एसआई बने पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन बीएमपी में किया जा रहा है, जहां हर बैच में 100 -100 पुलिस कर्मियों को कांडो के अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पुलिस फ्रेंडली प्राथमिकता है, अगर किसी पुलिस कर्मी के खिलाफ ऐसी शिकायत आती है। एसपी जांच करें और कार्रवाई करें। पुलिस को अपनी छवि बदलनी होगी। सिर्फ डायल 100 नहीं, बल्कि जरूरत पड़े तो इन नंबरों पर भी दे सूचना- 8544428408/8544428407

उन्होंने कहा कि यदि किसी जमीन को लेकर विवाद है और उससे शांति भंग हो सकती है तो पुलिस हस्तक्षेप करेगी। साथ ही वह सीआरपीसी के तहत वह 107,151 के तहत कार्रवाई कर 144 लगा सकती है। यदि किसी जमीन में वहां रह रहे शख्स के पास जमीन का मालिकाना हक है तो उसे कोई भी नही हटा सकता है।
डीजीपी ने कहा कि दबंगई करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करे। अक्सर होता था कि पुलिस ऐसे मामलों में दखल तो देती थी लेकिन इसकी इंट्री इसलिए नही करते थे कि उन्हें कोई अधिकार नही है इससे बहुत गलत होता था।
अब जमीन विवाद से जुड़े मामलों का भी पूरा रिकॉर्ड थाना में रखना होगा। किसी भी पीओ पर जाने की इंट्री थाना डायरी में करना होगा। हर शनिवार को थानेदार और सीओ जमीन मामलो का निष्पादन करे क्योंकि जमीन विवाद के कारण बड़ी बड़ी घटनाये होती है।
पटना में आज डीजीपी केएस द्विवेदी और गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि 2017-18 में बिहार में अपराध दर कम रहा है। प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने दारोगा भर्ती मामले में फर्जीवाड़े के आरोपों का खंडन किया और कहा कि सबूत देने पर होगी कार्रवाई, अगर किसी के पास सबूत है तो लाएं।

वहीं डीजीपी केएस द्विवेदी ने दरभंगा मामले पर कहा कि जमीन विवाद में हुई थी बीजेपी नेता की हत्या और पीएम नरेंद्र मोदी चौक मामले से कोई लेना देना नहीं है। दरभंगा मामले में बेवजह झूठ बोला जा रहा है। उन्होंने भागलपुर मामले में कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है, कार्रवाई होगी।

डीजीपी ने कहा कि केस डायरी लिखने के लिए शिविर लगाया जाएगा। वहीं अनसुंधान को लेकर सेमिनार आयोजित किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। बिहार में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम है।

उन्होंने कहा कि अपहरण का अब कोई संगठित गिरोह नहीं है, गया,औरंगाबाद और जमुई नक्सल प्रभावित जिले हैं और निगरानी के लिए राज्यों की सीमा पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बड़े अपराधियों पर थाने के पुलिसकर्मी नजर रखेंगे।

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