समस्तीपुरः शिवाजीनगर में पुलिस प्रशासन पर क्यों भड़क गयी भीड़?

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जिले के शिवाजीनगर प्रखंड के सअे नरसिंहा चौक पर मंगलवार की सुबह एक अनियत्रिंत टक ने एक बाईक पर सवार चार लोगों को रौंद दिया। इसमें दो की मौत घटना स्थल पर हो गयी, जबकि तीसरे की मौत सदर अस्पताल ले जाते वक्त हो गयी। एक साथ तीन तीन मौत की खबर पर आस परोस के गांव के हजारों लोग घटना स्थल पर दौड़ लगाते हुये पहुॅंच गयी। सूचना पर कुछ बिलम्ब से पहुॅंच पुलिसकर्मी में से एक ने शव को देखने के बदले घटना स्थल के समीप खड़ी टक में से शराब की कुछ बोतलों को हटाना शुरू किया। इससे बौखलायी भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस कर्मी टक को बचाने के लिए कार्य करने लगे। दूसरी ओर तीसरे घायल को लेकर पहुॅंचें स्थानीय लोग पीएचसी पर जमकर हंगामा इसलिए करने लगे, क्योंकि अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। पीएचसी में तोड़ फोड़ व हंगामा के बाद वे ओपी पर आ धमके। वहॉं स्थानीय पुलिस कर्मी के तानाशाही रवैये के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ गया। वे पत्थरबाजी करने लगे। इस दौरान कशिश न्यूज, ताजा चैनल, के पत्रकारों के वीडियोंग्राफी करने पर भीड़ ने उनलोगों को भी अपने आक्रोश का शिकार बनाया। वे पत्रकारों पर इसलिए गुस्सा थे कि वे पीएचसी एवं पुलिस से मिलकर कार्य करते है, इसलिए शिवाजीनगर में प्रशासन का रवैया तानाशाही का हो गया है। ओपी पुलिस एवं भीड़ के बीच विवाद चल ही रहा था कि समस्तीपुर से आयी पुलिस बल ने बल पूर्वक भीड़ को खदेरने का प्रयास किया। इस आक्रोश में किसी ने पुलिस वाहन में आग लगा दी।

इसमें सरकारी तीन वाहन जल गये। एसपी हरप्रीत कौर एवं डीएम चन्द्रशेखर सिंह को भी आक्रोश का सामना करना पड़ा। डीएम ने मृतक के परिजनों को चार चार लाख रूपये का चेक बतौर मुआवजा भुगतान कर दिया है। घटना को लेकर शिवाजीनगर में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को कई राउंड फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी ने मीडिया के सामने कहा कि कानून को हाथ में लेने वाले पर कार्रवाई होगी। साथ ही वाहन में शराब की जांच भी की जायेगी। शिवाजीनगर में जितनी मुहॅं उतने तरह की चर्चा जारी है। कुछ लोग स्थानीय पुलिस को घटना में दोषी मान रहे थे तो कुछ लोग प्रशासन के तानाशाही रवैये से खफा थे। जबकि कुछ लोग कहते देखे गये की उपद्रव की घटना निदंनीय है। प्रशासन ने मृतक को मुआवजा देकर अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन किया।

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