लालू का वंशवाद बनाम बिहार से वंशवाद का खात्मा, कुछ इस प्रकार की बनी तस्वीर

 

लालू प्रसाद के परिवार से इस चुनाव में महज एक उम्मीदवार के रूप में मीसा भारती थी। वे चुनाव हार गयीं है। तेजप्रताप के श्वसुर चंद्रिका राय भी चुनाव हार गये है। ऐसे में लालू पर वंशवाद का आरोप लगाने वाले लोगों के बीच वंशवाद को बढ़ावा देने वाले ही तो है। बिहार में राजनीतिक विरासत जिन्हें मिल रहीं है। वैसे परिवारों में से कुछ ये भी चर्चा में है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (जनसंघ के नेता और कर्पूरी ठाकुर सरकार के मंत्री श्री ठाकुर प्रसाद के पुत्र) पटना साहिब से जीतने में सफल रहे. जमुई से लोजपा प्रत्याशी चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बेटे हैं. वे जीतने में सफल रहे. मधुबनी से भाजपा प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायम यादव के बेटे हैं. ये भी चुनाव जीतने में सफल रहे.खगड़िया से लोजपा के प्रत्याशी महबूब अली कैसर कांग्रेस के बड़े नेता व पूर्व मंत्री चौधरी सलाउद्दीन के पुत्र हैं. वे चुनाव जीत गये.गया से जदयू प्रत्याशी विजय मांझी पूर्व सांसद भगवतिया देवी के बेटे हैं. वे भी चुनाव जीत गये.मुजफ्फरपुर से भाजपा उम्मीदवार अजय निषाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद के पुत्र हैं. वे भी जीतने में सफल रहें.सीतामढ़ी से जदयू उम्मीदवार सुनील कुमार पिंटू के पिता भाजपा विधायक थे. पिंटू चुनाव जीत गये. बेतिया से भाजपा प्रत्याशी संजय जायसवाल पूर्व सांसद डॉ मदन जायसवाल के बेटे हैं. उन्होंन जीत की हैट्रिक लगायी. सीवान से जदयू प्रत्याशी कविता सिंह पूर्व विधायक जगमातो देवी की बहु हैं. वे चुनाव जीत गयीं. इनके अलावा नवादा से लोजपा प्रत्याशी चंदन कुमार, जो पूर्व सांसद सूरजभान के भाई हैं, चुनाव जीत गये.हाजीपुर से लोजपा प्रत्याशी पशुपति कुमार पारस और समस्तीपर से लोजपा प्रत्याशी रामचंद्र पासवान केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई हैं. दोनों चुनाव जीत गये.शिवहर से भाजपा उम्मीदवार रमा देवी पूर्व मंत्री वृजबिहारी प्रसाद की पत्नी है. वे जीतने में सफल रही.

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