समस्तीपुरः यहॉं तो हर गली में बिकती है शराब, फिर शराब बंदी की बात ही बेईमानी लगती

जिले के प्रायः सभी थाना क्षेत्रों में शराब की ब्रिकी सरेआम हो रहीं है। हर गली में शराब के धंधेबाज शराब बेचने का काम कर रहे है। चार पहिए वाहनों से शराब की खेप मंगवाई जा रहीं है। इस धंधे में युवा वर्ग के लोग जी जान से जुटे हुये है। पुलिस प्रशासन स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण शराब कारोबारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। दो पहिए वाहन से शराब आर्डर धारक को पहुॅंचाने का जिम्मा गरीब तबके के वैसे लोगों को दिया जाता है, जो भोजन के लिए तरसते है। शराब के कारोबार में जुअे लोग महीने में नई गाड़ियां खरीदते है। इसको देखकर बेरोजगार टाईप के येवक भी रिस्क ले रहे है। इस प्रचलन से युवा पीढ़ी अपना भविष्य बर्बाद कर रहीं है। थाना स्तर पर घटनाओं को संभावले,जांच पड़ताल करने, पंचायती करने समेत गश्ती आदि में ही पदाधिकारी उलझे रहते है। ऐसे में देहाती क्षेत्र में लोग आराम से शराब बेच रहे है। ऐसे में आप कह सकते है जब हर गली में शराब बिकती हो तो शराब बंदी की बात बेईमानी लगती है। सरकार को चाहिए की या तो शराब की ब्रिकी चालू करवा दें या शराब बंदी को लेकर कड़े कानून को अमल में लाने के लिए ठोस पहल करें। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों पंजाब से शिवाजीनगर के कांकर घाट पुल तक एक टक शराब चार सौ कार्टून लाया गया। महज एक दिन पहले समस्तीपुर में पानी टंकी में 45 बोतल शराब ले जाया जा रहा था। रोसड़ा, शिवाजीनगर, खानपुर, वारिसनगर के दियारा ईलाके अर्थात नदी के किनारे वाले ईलाके में शराब छुपाकर रखने एवं लोड अनलोड करने का धंधा बेरोक ठोक जारी है। शराब बंदी के कारण वर्तमान सरकार को अनेक फायदे हुये, लेकिन इस अवैध शराब की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाने को लेकर एक ठोस पहल की आवश्यकता है।

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