बीजेपीः प्रदेश अध्यक्ष बनने की लड़ाई में सीएम पद को लेकर बहस

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बीजेपीः प्रदेश अध्यक्ष बनने की लड़ाई में सीएम पद को लेकर बहस
बिहार बीजेपी को प्रदेश अध्यक्ष चाहिए। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नित्यानन्द राय की जगह लेने वाले भावी अध्यक्ष पद की रेस में बिहार बीजेपी चार खेमों में बंट गयी है। एक खेमा सुशील कुमार मोदी का है। दूसरा खेमा भूमिहार नेताओं का । इन दो मजबूत खेमों की लड़ाई में दलित एवं मुसलमान इस बार बीजेपी की कमान चाहते है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल होने को लेकर सीएम पद को लेकर विवाद चल रहा है। कोई नीतीश कुमार को दिल्ली की राजनीति करने की सलाह दे रहा है तो कोई नीतीश को कैप्टन बता रहा है। बता दें कि अभी यादव जाति से प्रदेश अध्यक्ष है। बिहार में जातिवाद चरम पर है। ऐसे में कांग्रेस ने बाह्रान को प्रदेश अध्यक्ष बना रखा है। बीजेपी भी इस बार बाहा्रण या भूमिहार से प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाह रहीं है। ऐसे में फायबा्रांड नेता गिरीराज सिंह, सी पी ठाकुर चुप कैसे रह सकते है। कतार में कई नाम है। नित्यानन्द राय अपने समर्थकों में से इस पदको भरना चाहते है। ऐसे में मिथिलाचंल से कई नाम उभर कर सामने आये है। आरएसएस के सपोर्ट को लेकर बीजेपी दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, प्रदेश महामंत्री सुशील चैधरी, मिथिलेश तिवारी जैसे नाम पर भी एक समय था विचार कर रहीं थी। लेकिन कई सांसद प्रदेश अध्यक्ष बनना चाह रहे है। जबकि विधायक एवं विधान परिषद के कई सदस्य भी इस पद को लेकर दिलल्ी पटना एक कर रहे है। ऐसे में सुशील मोदी की बेचैनी काफी बढ़ गयी है। शीर्ष नेत्त्व पर सबकी निगाहें टिकी अवश्य है, ेलकिन बिहार में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर गुटबाजी भी चरम पर है। ऐसे में आप कह सकते है की कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना से कम नहीं है बीजेपी की वर्तमान हालात।

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