सरायरंजनः उत्कृष्ट कार्य के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार को संत-महात्माओं ने किया सम्मानित

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मूर्ति बरामदगी को लेकर सरायरंजन के लोगों ने थानाध्यक्ष की प्रशंसा सार्वजनिक मंच से की !
  पाग- चादर एवं सोने की हनुमान माला किया गया प्रदान!
सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी राम जानकी मंदिर की तकरीबन पचास करोड़ की मूर्ति चोरी मामले में मूर्ति बरामदगी के बाद हजारों संत- महात्माओं के द्वारा फिर मंदिर में मूर्ति स्थापना को लेकर तीन दिवसीय समारोह के अंतिम दिन शनिवार को रोसड़ा के वर्तमान थानाध्यक्ष व सरायरंजन के तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार को पाग चादर, माला एवं सोने की हनुमान माला से सम्मािनत किया गया। उनके सम्मान में एक अभिनन्दन पत्र भी पढ़ा गया। यह अभिन्नदन पत्र उन्हें प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान संतो- महात्माओं एवं महामंडलेश्वर धारी महंथों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये उन्हें आर्शीवचन दिये। मौके पर पूर्व मुखिया अरूण सिंह, डाॅ अभय कुमार मिश्र बबलू, पवन यादव, रणनिर्भय नारायण सिंह बुलबुल, डाॅ अरूण कुमार मिश्रा,कौशल किशोर राय, संजीव कुमार सिंह के अलावे स्थानीय हजारों लोग मौजूद थे।उल्लेखनीय है कि सरायरंजन थाना क्षेत्र के नरघोघी रामजानकी मठ से 12 अप्रैल 2018 की रात पचास करोड़ से अधिक की बेशकीमती मूर्ति की लूट हुई थी। इस लूटकांड में कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र डॉ अशोक उर्फ पप्पू भाई समेत छह लोगों को पूर्णिया से गिरफ्तार किया था। इस बड़ी कांड में तत्कालीन समस्तीपुर एसपी दीपक रंजन के द्वारा सदर डीएसपी मो० तनवीर के नेतृत्व में टीम का गठन कर डीएसपी के साथ इंस्पेक्टर हरिनारायण सिंहए सरायरंजन थानाध्यक्ष अमित कुमारए कल्याणपुर थानाध्यक्ष मधुरेन्द्र किशोरए डीआईयू के शिव कुमार पासवान और बंगरा थानाध्यक्ष को शामिल कर फिल्मी स्टाइल में लूटी गई मूर्ति पूर्णिया से बरामद हुआ था।

इस लूटकांड में समस्तीपुर पुलिस ने कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र डॉ अशोक उर्फ पप्पू भाई सहित छह लोगों को पूर्णिया से गिरफ्तार किया था। इस बड़ी लूट कांड बरामदगी किए जाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व थानाध्यक्ष सरायरंजन एवं वर्तमान थानाध्यक्ष रोसड़ा अमित कुमार को न्यास समिति सदस्य एवं महंत शिवराम दास जी ने सम्मानित किया। इस अवसर महंत शिवराम दास ने कहा की मुर्ति लुट बरामदगी में थानाध्यक्ष अमित का सर्वोतम प्रयास रहा। देश में ऐसे ही पुलिस अधिकारी की जरूरत हैं। जो त्वरित रूप से कारवाई कर मामले का निपटारा करें।बता दें कि मूर्ति चोरी की घटना के अनुसंधानक तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार ही थे। उन्होंने महज चार दिन के अन्दर इसे बरामद करने में अपनी सूझ बुझ का परिचय दिया था। इससे उत्साहित संत महात्माओं ने जब मूर्ति फिर से राम जानकी मंदिर में स्थापित हुई तो उन्हें भी सम्मानित कर एक प्रेरणा देने का काम किया है।

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